हिंद महासागर क्षेत्र (आई.ओ.आर.) के मित्र विदेशी राष्ट्रों के साथ अपनी क्षमता निर्माण सहयोग के अंतर्गत, भारत सरकार ने 08 नवम्बर 2024 को मोजाम्बिक सरकार को दो जल-जेट चालित फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट (एफ.आई.सी.) उपहारस्वरूप प्रदान किए। ये एफ.आई.सी. भारत से भा.नौ.पो. घड़ियाल द्वारा भेजे गए थे।
इस हस्तांतरण समारोह में मोजाम्बिक में भारत के उच्चायुक्त श्री रॉबर्ट शेटकिंटोंग, मापुटो में भारत के रक्षा सलाहकार कर्नल पुनीत अत्रि, और भा.नौ.पो. घड़ियाल के कमांडिंग ऑफिसर, कमांडर राजन चिब उपस्थित रहे। मोजाम्बिक सरकार की ओर से राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के स्थायी सचिव श्री ऑगस्टो कासिमिरो मुएयो ने इन नौकाओं को औपचारिक रूप से स्वीकार किया।
ये जल-जेट चालित नावें 45 नॉट्स की अधिकतम गति से संचालित हो सकती हैं और 12 नॉट्स पर 200 समुद्री मील की दूरी तक जा सकती हैं। ये पांच सदस्यों का दल ले जा सकती हैं और मशीनगन एवं बुलेट-प्रतिरोधी केबिन से सुसज्जित हैं। ये दो एफ.आई.सी. मोजाम्बिक सरकार के समुद्री आतंकवाद और काबो डेलगाडो प्रांत में चल रहे विद्रोह का मुकाबला करने के प्रयासों में सहायक होंगी। पूर्व में भी भारत सरकार ने 2019 में मोजाम्बिक को दो बड़े इंटरसेप्टर पोत और जनवरी 2022 में इसी वर्ग के दो एफ.आई.सी. उपहार में प्रदान किए थे, जिससे समुद्री सुरक्षा में सहयोग को प्रोत्साहन मिला।
भारतीय नौसेना को आई.ओ.आर. के कई देशों द्वारा समुद्री सुरक्षा हेतु प्राथमिक साझेदार माना गया है। नौसेना ने कई मित्र देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा बलों को उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान किया है ताकि वे समुद्री डकैती, मादक पदार्थ एवं मानव तस्करी, अवैध अपंजीकृत एवं अनियंत्रित (आई.यू.यू.) मत्स्य पालन और समुद्री आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना कर सकें। भारतीय नौसेना प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान इस क्षेत्र के कई देशों को मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एच.ए.डी.आर.) प्रदान करने में भी अग्रणी रही है। मार्च 2019 में, जब चक्रवात ईदाई ने सोफाला प्रांत को प्रभावित किया, तब भारतीय नौसेना के पोत सुजाता एवं शार्दूल और भारतीय तटरक्षक पोत सारथी को मोजाम्बिक की सहायता हेतु निर्देशित किया गया। दो सप्ताह की अवधि में,, इन पोतों ने 200 से अधिक नागरिकों को बचाया, 2,300 से अधिक लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों एवं हेलीकॉप्टर के माध्यम से 10 टन खाद्य सामग्री वितरित की।
मार्च 2021 में, कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने सी.ओ.वी.ए.एक्स. कार्यक्रम के तहत मोजाम्बिक को 100,000 खुराकें दान कीं और कोविशील्ड वैक्सीन की दस लाख से अधिक खुराकें प्रदान कीं।
भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न पेशेवर संस्थानों में मोजाम्बिक के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। पिछले वर्ष नवंबर में मोजाम्बिक को एक इन्फैंट्री हथियार प्रशिक्षण सिम्युलेटर उपहार में दिया गया, जिसे मापुटो के पास स्थित आर्मी प्रैक्टिसिंग स्कूल मन्हिका में स्थापित किया जाना है। मापुटो में स्थित भारतीय तटरक्षक स्थायी समर्थन टीम द्वारा इन उपहार नौकाओं के संचालन एवं रखरखाव का ऑन-जॉब प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। भारत द्वारा उपहार में दिए गए इन इंटरसेप्टर पोतों ने 2019 से लेकर अब तक विद्रोह विरोधी अभियानों, समुद्री गश्त एवं अवरोधन और रसद समर्थन मिशनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले दो वर्षों में भारतीय युद्धपोतों ने मापुटो, बेइरा और नकाला में नियमित रूप से पोर्ट कॉल किए हैं। भारतीय नौसेना पोत तीर और सुजाता ने मार्च 2023 में नकाला में आयोजित भारत-मोजाम्बिक-तंजानिया (आई.एम.टी.) त्रिपक्षीय अभ्यास के दूसरे संस्करण में भाग लिया। इससे पहले भारतीय नौसेना पोत सुजाता, सुनयना और सुमेधा ने मोजाम्बिक नौसेना के साथ संयुक्त ई.ई.जेड. निगरानी मिशन में भाग लिया, जिससे क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को सशक्त किया जा सके और बंदरगाह एवं समुद्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
भारत और मोजाम्बिक के बीच एक मजबूत रणनीतिक साझेदारी है जो प्रतिवर्ष अधिक सुदृढ़ हो रही है। इस प्रकार, भारत माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रचारित ‘सुरक्षा और सभी के लिए विकास’ (एस.ए.जी.ए.आर.) के दृष्टिकोण के अनुरूप, हिंद महासागर क्षेत्र में अपने समुद्री पड़ोसियों की सहायता और समर्थन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।