भारतीय नौसेना के लिए पांच फ्लीट समर्थन पोतों (एफ.एस.एस.) में से पहले पोत की "आधारशिला रखने" का समारोह 14 नवंबर 2024 को हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया। यह समारोह वाइस एडमिरल बी. शिव कुमार, युद्धपोत निर्माण और अधिग्रहण नियंत्रक की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एच.एस.एल.) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और भारतीय नौसेना व एच.एस.एल. के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। भारतीय नौसेना ने अगस्त 2023 में एच.एस.एल. के साथ पांच फ्लीट समर्थन पोतों के अधिग्रहण हेतु अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। इन पोतों को भारतीय नौसेना को 2027 के मध्य में सौंपे जाने की योजना है।
इन पोतों के संचालन में शामिल होने के बाद, वे भारतीय नौसेना की ‘ब्लू वॉटर’ क्षमताओं को मजबूत करेंगे। ये पोत समुद्र में फ्लीट के जहाजों को ईंधन, पानी, गोला-बारूद और अन्य सामग्री की आपूर्ति कर दीर्घकालिक संचालन को संभव बनाएंगे। 40,000 टन से अधिक के विस्थापन वाले ये पोत बेड़े की सामरिक पहुंच और गतिशीलता को बढ़ाएंगे। द्वितीयक भूमिका में, ये पोत मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में आपातकालीन स्थितियों में कर्मियों की निकासी और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत सामग्री की शीघ्र डिलीवरी के लिए भी सुसज्जित होंगे।
स्वदेशी डिजाइन और उपकरणों की अधिकतर आपूर्ति स्वदेशी निर्माताओं से सुनिश्चित करने के साथ, यह पोत निर्माण परियोजना भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को प्रोत्साहित करेगी और भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ पहलों के अनुरूप है।