9वें सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिक दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वी नौसेना कमान ने 18 जनवरी 2025 को विशाखापत्तनम के आर.के. बीच पर पहली बार पूर्व सैनिक दिवस परेड का आयोजन किया। इस ऐतिहासिक परेड में 500 से अधिक पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह समारोह उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं को समर्पित एक हार्दिक श्रद्धांजलि थी, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा की है।
परेड का शुभारंभ मुख्य अतिथि, पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, वाइस एडमिरल राजेश पेंढरकर ने किया। इस अवसर पर नौसेना फाउंडेशन के अध्यक्ष वाइस एडमिरल वी.के. नंबला (सेवानिवृत्त), मास्टर चीफ पेटी ऑफिसर ऑफ नेवी (सेवानिवृत्त) डॉ. चंद्र शेखर पी., जो वेटरन सेलर्स फोरम की गवर्निंग काउंसिल के सदस्य हैं, ने भी कमांडर-इन-चीफ के साथ परेड को हरी झंडी दिखाने में सहभागिता की। परेड आर.के. बीच रोड स्थित विश्वप्रिया हॉल से शुरू हुई और नौसेना तटीय बैटरी पर समाप्त हुई। इसके बाद पूर्व सैनिकों और गणमान्य व्यक्तियों के लिए स्मारक नाश्ते और संवाद सत्र का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में फ्लैग ऑफिसर्स, पूर्वी नौसेना कमान के कर्मी, वरिष्ठ नागरिक अधिकारी, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के सभी तीनों अंग, सी कैडेट कोर और सैनिक स्कूल कोरुकोंडा के छात्रों ने व्यापक रूप से भाग लिया, जो सामूहिक आभार की भावना को दर्शाता है। इस परेड ने पूर्व सैनिकों की अदम्य भावना का जश्न मनाया और उनकी सेवा और बलिदान को सम्मानित करने के प्रति राष्ट्र की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत तीनों सेनाओं द्वारा विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए गए, जहां हालिया नीतियों की जानकारी दी गई और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया। इसके अलावा, एस.पी.ए.आर.एस.एच. {पेंशन प्रशासन प्रणाली (रक्षा)}, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ई.सी.एच.एस.), और प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने पूर्व सैनिकों के लंबित मामलों को सुलझाने में सहयोग दिया। एन.जी.ओ. ‘ले फार्मा’ द्वारा एक हड्डी और जोड़ स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व सैनिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श और आर्थोपेडिक देखभाल की जानकारी प्रदान की गई।
संवाद सत्र के दौरान, वाइस एडमिरल राजेश पेंढरकर ने पूर्व सैनिकों के निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने यह भी दोहराया कि नौसेना अपने सेवानिवृत्त कर्मियों और उनके परिवारों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है।
पूर्वी नौसेना कमान द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारत के नायकों की विरासत को सम्मानित करने और सशस्त्र बलों के सेवारत और सेवानिवृत्त सदस्यों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उन व्यक्तियों की स्मृति, सम्मान और देखभाल के प्रति सामूहिक संकल्प को दर्शाता है, जिन्होंने राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।