वाइस एडमिरल के.के. नायर मेमोरियल व्याख्यान 2025 का आयोजन 14 फरवरी 2025 को राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन (एन.एम.एफ.) के 20वें स्थापना दिवस के अवसर पर किया गया। यह प्रतिष्ठित आयोजन वाइस एडमिरल के.के. नायर की अमूल्य विरासत का स्मरण करता है, जिनकी अद्वितीय दृष्टि और बौद्धिक दृढ़ता ने राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन को समुद्री नीति और विचार-विमर्श के एक प्रमुख संस्थान के रूप में स्थापित किया।
वाइस एडमिरल नायर न केवल एक विशिष्ट नौसेना अधिकारी थे, बल्कि एक दूरदर्शी रणनीतिकार भी थे। उन्होंने भारत की समुद्री चेतना को विकसित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में समुद्री क्षेत्र की महत्ता को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एन.एम.एफ. के संस्थापक अध्यक्ष होने के साथ-साथ विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वी.आई.एफ.) की स्थापना में उनके योगदान ने भारत की समुद्री एवं रणनीतिक सोच को एक नई दिशा प्रदान की।
समारोह का शुभारंभ पूर्व नौसेना प्रमुख एवं एन.एम.एफ. के अध्यक्ष, एडमिरल करमबीर सिंह (सेवानिवृत्त) के उद्घाटन संबोधन से हुआ। इसके पश्चात नौसेना प्रमुख, एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने एक विचारोत्तेजक भाषण दिया, जिसमें उन्होंने वाइस एडमिरल के.के. नायर की विरासत और राष्ट्र के विकास में समुद्री चेतना की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन की भूमिका को भारत के प्रमुख समुद्री थिंक टैंक के रूप में रेखांकित किया, जो शोध, प्रकाशनों और नीति-संशोधन के माध्यम से भारत के समुद्री भविष्य को राष्ट्र की आकांक्षाओं के अनुरूप आकार देने में सतत योगदान दे रहा है। नौसेना प्रमुख ने भारतीय नौसेना की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि वह समुद्री सुरक्षा अभियानों और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देकर एक स्थिर एवं सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी उपस्थितजनों से वाइस एडमिरल नायर की विरासत को सम्मानित करते हुए भारत की समुद्री क्षमताओं और रणनीतिक दृष्टिकोण को और अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
नौसेना प्रमुख के संबोधन के उपरांत, भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने ‘वाइस एडमिरल के.के. नायर मेमोरियल व्याख्यान’ प्रस्तुत किया। अपने राजकीय अनुभव और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध श्री कोविंद ने ‘भारत में समुद्री चेतना को बढ़ाना: राष्ट्रीय समृद्धि और सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक अनिवार्यता’ विषय पर सारगर्भित विचार रखे। उनके संबोधन में 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की आकांक्षाओं को साकार करने में समुद्री क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
अपने व्याख्यान में श्री कोविंद ने भारत के समुद्री संसाधनों, व्यापार मार्गों तथा वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य में इसकी रणनीतिक स्थिति के महत्व पर बल दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने, आर्थिक प्रगति को गति देने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की स्थिति को सशक्त करने के लिए एक सशक्त समुद्री संस्कृति को विकसित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
इस प्रतिष्ठित समारोह में भारतीय रक्षा बलों के वरिष्ठ सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी, राजनयिक समुदाय के सदस्य, प्रख्यात शिक्षाविद्, रणनीतिक विशेषज्ञ और दिवंगत वाइस एडमिरल के.के. नायर के परिजन एवं करीबी मित्र उपस्थित रहे। राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन, एडमिरल नायर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए, समुद्री जागरूकता को सशक्त करने, नीति निर्माण को प्रोत्साहित करने और भारत के समुद्री क्षेत्र में सतत विकास को सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।