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भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड

भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड
भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड
भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड
भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड
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भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड
भा.नौ.पो. चिल्का में अग्निवीर 02/24 बैच की पासिंग आउट परेड

एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 2966 प्रशिक्षुओं, जिनमें 402 महिला अग्निवीर, 288 एस.एस.आर. (मेडिकल असिस्टेंट) और 227 नाविक शामिल हैं, ने 07 मार्च 2025 को ओडिशा स्थित भा.नौ.पो. चिल्का से सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। पासिंग आउट परेड (पी.ओ.पी.) ने 16 सप्ताह के कठोर प्रारंभिक नौसैनिक प्रशिक्षण के समापन को चिह्नित किया, जिसे एक अनूठे सूर्यास्त उपरांत समारोह के रूप में आयोजित किया गया। इस परेड की समीक्षा दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवास द्वारा की गई। भा.नौ.पो. चिल्का के कमांडिंग ऑफिसर, कमोडोर बी. दीपक अनील इस समारोह के संचालन अधिकारी थे।

पी.ओ.पी. के साक्षी उच्च उपलब्धि प्राप्त दिग्गज रहे, जिनमें पूर्व एस.पी.ओ. सुरेड्डी शिव कुमार, पूर्व पी.ओ.ई.एल.पी. संदीप गुप्ता, पूर्व पी.ओ.ई.एल.पी. लोह्री बेसी, पूर्व ई.एम.आर. 1 जी.एस. कोचर और प्रसिद्ध खेल व्यक्तित्व चीफ पेटी ऑफिसर कॉम (टी.ई.एल.) एल्डोज़ पॉल शामिल थे। इस महत्वपूर्ण समारोह को पासिंग आउट कोर्स के गौरवान्वित परिवारजनों ने भी देखा। यह परेड केवल प्रारंभिक प्रशिक्षण की सफल समाप्ति को ही नहीं दर्शाती, बल्कि भारतीय नौसेना में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक भी है। भारतीय नौसेना एक लैंगिक तटस्थ वातावरण पर जोर देती है, जिससे इन पुरुषों और महिलाओं को एक युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, संगठित और भविष्य के लिए तैयार बल में रूपांतरित किया जा सके।

अपने संबोधन के दौरान, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान ने कोर्स की सफल समाप्ति के लिए प्रशिक्षुओं को बधाई दी, जो कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने अग्निवीरों को अपनी क्षमताओं को निखारने और तकनीकी रूप से जागरूक रहने की प्रेरणा दी, साथ ही नौसेना के मूल मूल्य - कर्तव्य, सम्मान और साहस को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने अग्निवीरों से राष्ट्र के सम्मान को बनाए रखने की अपील की और साहस व संकल्प के साथ अपने पथ पर आगे बढ़ने को कहा। उन्होंने अग्निवीरों के माता-पिता की सराहना करते हुए राष्ट्र में उनके योगदान की भी सराहना की। मुख्य अतिथि ने टीम चिल्का को उनके निरंतर प्रयासों और इस परिवर्तन को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बधाई दी, जो ‘उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि’ के आदर्श वाक्य को साकार करता है।

मुख्य अतिथि ने श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को पदक और ट्रॉफी प्रदान की। देवराज सिंह राठौड़, ए.वी.आर. (एम.आर.) और प्रमोद सिंह, ए.वी.आर. (एस.एस.आर.) को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर एम.आर. और एस.एस.आर. के लिए नौसेना अध्यक्ष रोलिंग ट्रॉफी और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। मानसा गुलिविंधला, ए.वी.आर. (एस.एस.आर.) को श्रेष्ठ महिला अग्निवीर के रूप में जनरल बिपिन रावत रोलिंग ट्रॉफी प्रदान की गई। मोहित कुमार, एन.वी.के. (जी.डी.) को सर्वश्रेष्ठ एन.वी.के. (जी.डी.) के लिए महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक रोलिंग ट्रॉफी और महानिदेशक स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।

इससे पूर्व, दीक्षांत समारोह के दौरान, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान ने समग्र चैंपियनशिप ट्रॉफी अंग्रे डिवीजन को और उपविजेता ट्रॉफी एकलव्य डिवीजन को प्रदान की। उन्होंने भा.नौ.पो. चिल्का की द्विभाषी प्रशिक्षु पत्रिका 'अंकुर' के 02/24 संस्करण का भी अनावरण किया।