रियर एडमिरल गैरिन गोल्डिंग, रॉयल न्यूजीलैंड नौसेना (आर.एन.जेड.एन.) के नौसेना प्रमुख, 16 से 21 मार्च 2025 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं, जिसका उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। उनके दौरे में नई दिल्ली और मुंबई में उच्च-स्तरीय चर्चाएँ और परिचालनात्मक संवाद शामिल हैं।
यह दौरा 17 मार्च को रियर एडमिरल गोल्डिंग के रायसीना संवाद में भाग लेने के साथ शुरू हुआ। 18 मार्च को, उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर भारत के शहीद नायकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद एक औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर और एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, नौसेना प्रमुख के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें नौसैनिक संबंधों को बढ़ाने, संयुक्त प्रशिक्षण पहलों और समुद्री सहयोग पर चर्चा केंद्रित रही। न्यूजीलैंड नौसेना प्रमुख रक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ नेतृत्व से भी संवाद करेंगे, जिसमें रक्षा स्टाफ प्रमुख, थल सेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख और रक्षा सचिव शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति न्यूजीलैंड की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करते हैं।
वह मुंबई भी जाएंगे, जहाँ वे पश्चिमी नौसेना कमान के कर्मियों से संवाद करेंगे, स्वदेशी विध्वंसक भा.नौ.पो. सूरत का दौरा करेंगे और जहाज रखरखाव व प्रौद्योगिकी में भविष्य के सहयोग की संभावनाओं को तलाशेंगे। 20 मार्च को एक महत्वपूर्ण आकर्षण न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री द्वारा एच.एम.एन.जेड.एस. ते कहा पर आयोजित स्वागत समारोह होगा, जो भारत-न्यूजीलैंड समुद्री संबंधों को और मजबूत करेगा।
रियर एडमिरल गैरिन गोल्डिंग का यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड रक्षा संबंधों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नौसैनिक सहयोग को गहरा करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पारस्परिक हितों को सुदृढ़ करने की दिशा में कार्य करेगा।