भारतीय नौसेना का पोत भा.नौ.पो. संधयक, जो स्वदेशी निर्मित पहला बड़ा सर्वेक्षण पोत (एस.वी.एल.) है और अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफी क्षमता से सुसज्जित है, सिंगापुर के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 09 अगस्त 2025 को तीन दिन की यात्रा के लिए सिंगापुर पहुंचा। यह यात्रा भारत की क्षेत्रीय समुद्री सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है और भारतीय नौसेना तथा सिंगापुर की समुद्री एजेंसियों के बीच हाइड्रोग्राफिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
यह यात्रा भारतीय नौसेना के हाइड्रोग्राफिक विभाग के तहत समुद्री कूटनीति और क्षेत्रीय हाइड्रोग्राफिक क्षमता निर्माण में भारत की बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका को भी प्रदर्शित करती है। भा.नौ.पो. संधयक को फरवरी 2024 में माननीय रक्षा मंत्री की उपस्थिति में सेवा में शामिल किया गया था। यह पोत तटीय और गहरे समुद्र के सर्वेक्षण की पूर्ण क्षमता रखता है, साथ ही इसमें हेलीकॉप्टर और अस्पताल सुविधाओं के साथ खोज और बचाव (एस.ए.आर.) तथा मानवीय कार्यों की क्षमता भी है।
इस पोत की सिंगापुर की पहली यात्रा का उद्देश्य तकनीकी और पेशेवर आदान-प्रदान को बढ़ावा देना तथा हाइड्रोग्राफिक समर्थन गतिविधियों को निरंतर बनाए रखना है। यात्रा के दौरान प्रमुख गतिविधियों में कमांडिंग ऑफिसर द्वारा सिंगापुर के सहायक प्रमुख हाइड्रोग्राफर श्री गैरी च्यू और रॉयल सिंगापुर नौसेना (आर.एस.एन.) की 9वीं फ्लोटिला के कमांडर कर्नल चुआ मेंग सून से शिष्टाचार भेंट शामिल है। अन्य गतिविधियों में रॉयल सिंगापुर नौसेना के कर्मियों का पोत पर भ्रमण और भारतीय नौसेना की हाइड्रोग्राफिक क्षमताओं का प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा, भारत के उच्चायुक्त कार्यालय (एच.सी.आई.) के स्कूली बच्चों और उनके परिवारों के लिए पोत पर भ्रमण भी आयोजित किया जाएगा।