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वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला

वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला
वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार संभाला

वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम. ने 31 अक्तूबर 2025 को दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवास, पी.वी.एस.एम., ए.वी.एस.एम., एन.एम. का स्थान लिया, जिन्होंने भारतीय नौसेना में लगभग चार दशकों की गौरवपूर्ण सेवा के उपरांत सेवानिवृत्ति प्राप्त की। दोनों फ्लैग अधिकारियों ने कोच्चि स्थित नौसैनिक अड्डे पर एस.एन.सी. युद्ध स्मारक में राष्ट्र सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

वाइस एडमिरल समीर सक्सेना 01 जुलाई 1989 को भारतीय नौसेना में सेवा में शामिल हुए थे और वे नेविगेशन एवं डायरेक्शन के विशेषज्ञ हैं। वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला; रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन; और नेवल वॉर कॉलेज, न्यूपोर्ट (अमेरिका) के पूर्व छात्र हैं। फ्लैग अधिकारी ने परिचालन, स्टाफ और प्रशिक्षण—तीनों क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। एक गैर-विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में उन्होंने भारतीय नौसेना पोत अजय, सुकोन्या और अक्षय पर सेवा दी, जबकि विशेषज्ञ अधिकारी के रूप में विमानवाहक पोत भा.नौ.पो. विराट पर डायरेक्शन टीम का हिस्सा रहे और भा.नौ.पो. कुथार, गोदावरी तथा दिल्ली पर नेविगेटिंग अधिकारी के रूप में कार्य किया। उन्होंने भा.नौ.पो. मुंबई में कार्यकारी अधिकारी के रूप में भी सेवाएं दीं। उनकी कमान अवधि में मॉरीशस कोस्ट गार्ड पोत ‘गार्डियन’ तथा भारतीय नौसेना पोत कुलिश और मैसूर शामिल रहे हैं। उन्होंने पश्चिमी बेड़े के फ्लीट ऑपरेशन्स अधिकारी के रूप में भी कार्य किया। तट पर उनकी प्रमुख नियुक्तियों में नौसेना मुख्यालय में संयुक्त निदेशक (कार्मिक) और प्रधान निदेशक (विदेश सहयोग) शामिल हैं। वे 2011–12 के दौरान नौसेना प्रमुख के नौसेना सहायक रहे तथा 2016 से 2019 तक भारत के उच्चायोग, लंदन में नौसेना सलाहकार के रूप में कार्यरत थे।

05 फरवरी 2020 को रियर एडमिरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद उन्होंने सहायक नौसेना प्रमुख (नीति एवं योजनाएं) के रूप में कार्य किया, जहाँ वे नौसेना की दृष्टि, बल स्तर, संगठन, वित्तीय एवं अवसंरचना योजना और अधिग्रहण की जिम्मेदारी संभालते थे। इसके पश्चात उन्होंने दिसंबर 2021 से नवंबर 2022 तक भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े की कमान संभाली। नवंबर 2022 में उन्होंने गुजरात नौसैनिक क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग का कार्यभार ग्रहण किया। 01 अगस्त 2023 को वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नति के पश्चात फ्लैग अधिकारी ने पूर्वी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान कमान ने विदेशी सहयोग, अवसंरचना विकास, सामुदायिक निर्माण और शिक्षा पर केंद्रित व्यापक परिचालन एवं तकनीकी गतिविधियों में भाग लिया। उन्हें 2017 में नौसेना पदक और 2023 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। समुद्र में साहस और वीरता के कार्यों के लिए उन्हें नौसेना प्रमुख तथा मॉरीशस के पुलिस आयुक्त द्वारा भी प्रशंसा प्रदान की गई है।

उनकी पत्नी श्रीमती लाबनी सक्सेना नौसेना कल्याण एवं वेलनेस एसोसिएशन की गतिविधियों से लंबे समय से जुड़ी हुई हैं और निरंतर सक्रिय योगदान दे रही हैं।