हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है।
आई.पी.आर.डी. 2025 की शुरुआत के साथ ही राष्ट्रीय समुद्री प्रतिष्ठान ने सीमाओं और समय से परे होने वाले संवाद का मंच तैयार कर दिया है। एन.एम.एफ. के महानिदेशक वाइस एडमिरल प्रदीप चौहान समुद्री सुरक्षा की गहराइयों से लेकर सहयोग के क्षितिज तक क्षेत्रीय परिवर्तन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हैं।
अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के साथ एडमिरल करमबीर सिंह, एन.एम.एफ. के अध्यक्ष और पूर्व नौसेना प्रमुख, उद्घाटन संबोधन देते हैं। वे अस्थिर समुद्रों में सामूहिक संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व का आह्वान करते हैं। आगे उन्होंने कहा कि ‘क्षमता’ और ‘सामर्थ्य’ किसी देश की समुद्री सुरक्षा और उसके भविष्य को परिभाषित करने की दो प्रमुख रणनीतियाँ हैं।