केरल राज्य तथा माहे और लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेशों के लिए यह दो दिवसीय तटीय सुरक्षा अभ्यास 06 से 07 नवम्बर 2025 तक आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समुद्र से उत्पन्न असममित खतरों के प्रति सभी एजेंसियों की तैयारी का आकलन करना था। अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना के पोत, तटरक्षक बल के सतही संसाधन, तटीय पुलिस, कस्टम्स, मरीन एन्फोर्समेंट विंग तथा कोचीन पोर्ट प्राधिकरण की पेट्रोल नौकाएं केरल और संबंधित केंद्र शासित प्रदेशों के तटीय क्षेत्रों में तैनात रहीं। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक के वायु संसाधनों द्वारा व्यापक हवाई निगरानी भी की गई। यह अभ्यास वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, ए.वी.एस.एम., एन.एम., फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ दक्षिणी नौसेना कमान, जो तटीय रक्षा (दक्षिण) के कमांडर-इन-चीफ भी हैं, के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान समुद्र में बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करना, बंदरगाहों एवं प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संरचना का सत्यापन और तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को परखना प्रमुख उद्देश्य रहे। तटीय सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी होने के कारण, इस अभ्यास में सभी हितधारकों के बीच समन्वय और सहयोग पर बल दिया गया तथा सुरक्षा एजेंसियों के लिए मछुआरा समुदाय की ‘आंखें और कान’ की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। यह अभ्यास कोचीन स्थित संयुक्त संचालन केंद्र से संचालन किया गया, जो तटीय सुरक्षा अभियानों और अभ्यासों का नोडल केंद्र है।