भारतीय नौसेना के प्रमुख नेवल इनोवेशन एंड इंडिजेनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन सेमिनार ‘स्वावलंबन 2025’ का चौथा संस्करण 25 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आरंभ हुआ। माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और पूर्ण अधिवेशन को संबोधित किया। अपने संबोधन में माननीय रक्षा मंत्री ने इस सेमिनार के भारत के सबसे प्रभावशाली रक्षा नवाचार मंचों में से एक के रूप में स्थापित होने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत एक परिवर्तनकारी दौर में प्रवेश कर रहा है, जहाँ स्टार्टअप, एम.एस.एम.ई. और युवा तकनीकी विशेषज्ञ देश को रक्षा उपकरणों का खरीदार होने से आगे बढ़ाकर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों का निर्माता और वैश्विक आपूर्तिकर्ता बना रहे हैं। उन्होंने उद्योग जगत से “प्रॉफिट-प्लस” दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, जिसमें आर्थिक लाभ के साथ राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का समन्वय हो, ताकि एक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र निर्मित हो सके।
अपने स्वागत भाषण में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा कि ‘स्वावलंबन’ के हर संस्करण के साथ इसकी व्यापकता, आकार और भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शुरुआती संस्करण में जहाँ 800 प्रतिभागी शामिल हुए थे, वहीं पिछले वर्ष यह संख्या 3000 तक पहुँच गई। उन्होंने बताया कि अब तक घोषित 565 iDEX चुनौतियों में से 35 प्रतिशत भारतीय नौसेना से संबंधित हैं, जो ‘स्वावलंबन’ की केंद्रीय भूमिका को दर्शाता है। नौसेना प्रमुख ने यह भी बताया कि स्टार्टअप और एम.एस.एम.ई. द्वारा विकसित उत्पाद न केवल नौसेनिक क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रत्यक्ष क्रय मार्ग भी खोल रहे हैं – जो सशस्त्र बलों में नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले समग्र रक्षा दृष्टिकोण का उदाहरण है।