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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने एडमिरल जे.जी. नाडकर्णी स्मृति व्याख्यान के दौरान नेवी फाउंडेशन पुणे चैप्टर को संबोधित किया

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने एडमिरल जे.जी. नाडकर्णी स्मृति व्याख्यान के दौरान नेवी फाउंडेशन पुणे चैप्टर को संबोधित किया
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने एडमिरल जे.जी. नाडकर्णी स्मृति व्याख्यान के दौरान नेवी फाउंडेशन पुणे चैप्टर को संबोधित किया

नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 30 नवंबर 2025 को एडमिरल जे.जी. नाडकर्णी स्मृति व्याख्यान के अंतर्गत नेवी फाउंडेशन पुणे चैप्टर को संबोधित किया। उन्होंने भारत सरकार की पहलों जैसे महासागर, मैरिटाइम इंडिया विजन 2030, सागरमाला और समुद्री क्षेत्र में किए गए अन्य सुधारों का उल्लेख करते हुए भारत के उभरते समुद्री अभिमुखता को रेखांकित किया, जो राष्ट्र के पुनरुत्थान को गति प्रदान कर रहे हैं। इंडो-प्रशांत में भू-राजनीतिक और तकनीकी परिवर्तनों के बीच नौसेना प्रमुख ने नौसेना की ‘कॉम्बैट रेडी, क्रेडिबल, कोहीसिव और फ्यूचर रेडी’ बने रहने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने चल रहे ऑप्स इंडूर, भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की उच्च गति मिशन तैनाती, हिंद महासागर क्षेत्र में मानवीय सहायता कार्यों, क्षेत्रीय सहभागिता और समुद्र में 11,000 से अधिक शिप डेज को नौसेना की तत्परता, विश्वसनीयता और वैश्विक सुरक्षा साझेदार के रूप में उसकी भूमिका के संकेतक बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 52 जहाज निर्माणाधीन हैं और स्वदेशी प्रणोदन, एआई व क्वांटम पहल, एन.आई.आई.ओ. और इंडिया_इंडेक्स आधारित नवाचार के माध्यम से भारतीय नौसेना पूर्ण आत्मनिर्भर शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है, जो विकसित भारत 2047 की दृष्टि के अनुरूप देश के समुद्री भविष्य को आकार दे रही है। अंत में नौसेना प्रमुख ने जनरेशन Z नेतृत्व, अग्निवीरों, नारी शक्ति, समग्र कल्याण, उन्नत प्रशिक्षण तथा नौसैनिक स्टेशनों पर आवास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करते हुए मानव संसाधन में निवेश की महत्ता पर बल दिया।