मरीन इंजीनियरों की अल्मा मेटर आईएनएस शिवाजी ने 27 दिसंबर 2025 को 100वें मरीन इंजीनियरिंग स्पेशलाइज़ेशन कोर्स की पासिंग आउट परेड के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि को चिह्नित किया। मित्र देशों के प्रशिक्षु अधिकारियों सहित कुल 31 अधिकारियों ने 105 सप्ताह की गहन और कठोर प्रशिक्षण अवधि को सफलतापूर्वक पूर्ण किया और भविष्य की परिचालन चुनौतियों का सामना करने के लिए पेशेवर रूप से सक्षम बनकर उभरे।
इस परेड की समीक्षा वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान ने की तथा पाठ्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मेस्क (MESC) का शतकीय पासिंग आउट भारतीय नौसेना की पेशेवर उत्कृष्टता, तकनीकी दक्षता और मरीन इंजीनियरिंग में नेतृत्व विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
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