भारत-सिंगापुर समुद्री सहयोग में मजबूती
भारतीय नौसेना पोत भा.नौ.पो. सतपुरा सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिम्बेक्स-25) के 32वें संस्करण में भाग लेने के लिए सिंगापुर पहुंचा है। यह अभ्यास भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (आर.एस.एन.) के बीच मजबूत और स्थायी समुद्री साझेदारी का एक और अध्याय रचता है।
यह अभ्यास, जो दोनों देशों के बीच गहरे नौसेना सहयोग का प्रतीक है, पोर्ट चरण के साथ शुरू हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञ आदान-प्रदान (एस.एम.ई.ई.), पेशेवर संवाद, और परिचालन स्तर की चर्चाएं शामिल हैं। ये गतिविधियां सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने, सिद्धांतों को संरेखित करने, और भाग लेने वाले जहाजों—आर.एस.एन. विजिलेंट और आर.एस.एन. सुप्रीम—पर डेक परिचय भ्रमण के लिए तैयार की गई हैं।
ये गतिविधियां दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते पेशेवर तालमेल और रणनीतिक विश्वास को पुनः पुष्ट करती हैं, जो भारत के ‘महासागर’ दृष्टिकोण और एक्ट ईस्ट नीति के अनुरूप है। यह नीति पड़ोसी देशों के साथ मजबूत सहयोग पर जोर देती है। सिम्बेक्स-25 का दूसरा दिन आधिकारिक उद्घाटन समारोह के साथ शुरू होगा, जिसके बाद प्री-सेल सम्मेलन आयोजित होगा। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले नौसेना दलों द्वारा अभ्यास के आगामी समुद्री चरण पर चर्चा की जाएगी।
सिम्बेक्स-25 का समुद्री चरण—द्विपक्षीय समुद्री सहयोग का आधार—उन्नत नौसेना संचालनों की व्यापक श्रृंखला को अंजाम देगा। इनमें वायु रक्षा अभ्यास, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर संचालन, सतह और हवाई मंचों के साथ सटीक लक्ष्यीकरण, जटिल युद्धाभ्यास अभ्यास, और विजिट, बोर्ड, सर्च, और सीज़र (वी.बी.एस.एस.) संचालन शामिल हैं। इन अभ्यासों का उद्देश्य अंतरसंचालनीयता और परिचालन समन्वय को बढ़ाना है, साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। सिम्बेक्स भारत और सिंगापुर के बीच मजबूत नौसेना संबंधों का प्रमाण है, जो आपसी सम्मान, पेशेवर दृष्टिकोण और सुरक्षित व नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था के लिए साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है।