दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी चल रही परिचालन तैनाती के हिस्से के रूप में, भारतीय नौसेना का एक स्टील्थ फ्रिगेट, भा.नौ.पो. तेग, 26 से 30 जून 2025 तक निर्धारित पोर्ट कॉल के लिए सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया में प्रवेश कर चुका है। इस यात्रा का उद्देश्य समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और भारत एवं सेशेल्स के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ाना है। पोत की यात्रा के दौरान नियोजित गतिविधियों में कमांडिंग ऑफिसर द्वारा सेशेल्स के वरिष्ठ सरकारी और सैन्य अधिकारियों, जिनमें रक्षा बलों के प्रमुख, सेशेल्स पीपुल्स डिफेंस फोर्सेस (एस.पी.डी.एफ.) के स्टाफ प्रमुख और सेशेल्स में भारत के उच्चायुक्त (एच.सी.आई.) से मुलाकात शामिल है। पोत पर एक औपचारिक बातचीत होगी, जो भारतीय नौसेना और एस.पी.डी.एफ. के बीच सहयोगात्मक जुड़ाव और पारस्परिक सहयोग पर केंद्रित होगी। इसके अतिरिक्त, भारत से लाए गए रक्षा उपकरण और स्पेयर पार्ट्स पोत के कर्मचारियों द्वारा औपचारिक रूप से सौंपे जाएंगे। सांस्कृतिक पहुँच के हिस्से के रूप में, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आई.डी.वाय.) 2025 के थीम “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” के अनुरूप एक योग सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें एस.पी.डी.एफ. के सदस्य, भारतीय प्रवासी समुदाय और पोत के चालक दल के सदस्य शामिल होंगे। भा.नौ.पो. तेग पर एक सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की जाएगी, जिसमें एच.सी.आई., सेशेल्स के रक्षा बलों के प्रमुख, एस.पी.डी.एफ. के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति आमंत्रित होंगे। पोत को आगंतुकों के लिए भी खोला जाएगा, ताकि भारतीय नौसेना की भूमिका और क्षमताओं की बेहतर समझ को बढ़ावा दिया जा सके। पोत का एक मार्चिंग दस्ता, प्रसिद्ध भारतीय नौसेना बैंड के साथ, 29 जून 2025 को सेशेल्स के 49वें राष्ट्रीय दिवस को मनाने के लिए एक परेड में भाग लेगा।
परेड के दौरान पोत के अभिन्न हेलीकॉप्टर द्वारा एक फ्लाईपास्ट भी किया जाएगा। पोर्ट कॉल के समापन पर, भा.नौ.पो. तेग सेशेल्स तट रक्षक (एस.सी.जी.) के कर्मियों को लेकर जाएगा और 30 जून से 02 जुलाई 2025 तक एक एस.सी.जी. पोत के साथ संयुक्त विशेष आर्थिक क्षेत्र (ई.ई.जेड.) निगरानी करेगा। यह पहल वैश्विक समुदाय की सुरक्षा और अवैध, असूचित और अनियमित (आई.यू.यू.) मछली पकड़ने से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करती है।इसके पूरा होने पर, पोत एस.सी.जी. कर्मियों को उतारने के बाद तैनाती के अगले चरण के साथ आगे बढ़ेगा। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।