अपनी 28 वर्षों की उत्साहपूर्ण सेवा के उपलक्ष्य में भारतीय नौसेना के इस पहले सेल प्रशिक्षण पोत भा.नौ.पो. तरंगिणी ने करुणा और सामुदायिक भावना का संदेश दोहराते हुए डॉन बॉस्को अनाथालय का दौरा किया।
11 नवम्बर 1997 को सेवा में शामिल हुआ यह भव्य त्रि-मस्तूल बार्क अब तक 3 लाख से अधिक समुद्री मील की नौकायन यात्रा पूरी कर चुका है, जिसमें विश्व परिक्रमा और चार लोकार्यन यात्राएँ शामिल हैं। समुद्र की भावना को आत्मसात करते हुए—शांति में दृढ़, तूफान में अटल, और सदैव साहस से प्रेरित—तरंगिणी अपने आदर्श वाक्य “सदैव उत्साही” को साकार करती है।