Skip to main content

Home Quick Menu

भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन

भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना द्वारा ‘सी विजिल-24’ तटीय रक्षा अभ्यास के चौथे संस्करण का आयोजन

भारतीय नौसेना 20 और 21 नवंबर 2024 को ‘सी विजिल-24’ नामक अखिल भारतीय (पैन-इंडिया) तटीय रक्षा अभ्यास का चौथा संस्करण आयोजित करेगी। पूर्व सी विजिल का चौथा संस्करण भौगोलिक पहुंच और सहभागिता के स्तर पर अभूतपूर्व होगा, जिसमें 06 मंत्रालयों और 21 संगठनों/एजेंसियों की भागीदारी होगी। तटीय रक्षा और सुरक्षा तत्परता मूल्यांकन (सी.डी.एस.आर.ई.) चरण का आयोजन सभी तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (लक्षद्वीप और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह सहित) के नौसेना अधिकारी-प्रभारी द्वारा अक्टूबर 2024 के अंत से किया जा रहा है, जिसमें तटीय रक्षा और सुरक्षा अवसंरचना की गहन समीक्षा की जा रही है। इस वर्ष, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अधिकारी भी पहली बार भारतीय नौसेना के नेतृत्व वाले सी.डी.एस.आर.ई. दलों का हिस्सा होंगे। इन दलों में राज्य समुद्री पुलिस, तटरक्षक बल, सीमा शुल्क,(कस्टम्स), मत्स्य विभाग और अन्य एजेंसियों के कर्मी भी शामिल होंगे।

यह अभ्यास तटीय संपत्तियों जैसे बंदरगाहों, तेल रिग्स, सिंगल प्वाइंट मूरिंग्स, केबल लैंडिंग पॉइंट्स और अन्य महत्वपूर्ण तटीय अवसंरचना, साथ ही तटीय आबादी की सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। इस वर्ष, अन्य सेवाओं (भारतीय सेना और वायु सेना) की भागीदारी और बड़ी संख्या में जहाजों और विमानों की योजनाबद्ध तैनाती ने अभ्यास की गति और प्रभाव को और बढ़ाया है।

2018 में प्रारंभ किया गया ‘सी विजिल’ अभ्यास 26/11 मुंबई आतंकवादी हमलों के बाद तटीय रक्षा को मजबूत करने के लिए अपनाए गए उपायों को जांचने और सुधारने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। यह अभ्यास भारत की 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा और 2.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर के अनन्य आर्थिक क्षेत्र को शामिल करता है। यह तटीय सुरक्षा अवसंरचना और सभी समुद्री हितधारकों जैसे मछुआरा समुदाय और तटीय जनसंख्या को सक्रिय रूप से शामिल करता है। इसका एक मुख्य उद्देश्य तटीय समुदायों को समुद्री सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। इसी क्रम में, मछुआरा समुदाय, तटीय जनसंख्या और एन.सी.सी. तथा भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के छात्रों की भागीदारी इस पहल में उत्साह और सक्रियता जोड़ती है।

जहां तटीय सुरक्षा अभ्यास नियमित रूप से तटीय राज्यों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आयोजित किए जाते हैं, वहीं भारतीय नौसेना द्वारा समन्वित ‘सी विजिल’ एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है। यह पहल भारत की समुद्री रक्षा और सुरक्षा क्षमताओं का समग्र मूल्यांकन प्रस्तुत करती है। यह अभ्यास सभी समुद्री सुरक्षा एजेंसियों की वर्तमान तैयारी का आकलन करने, उनकी ताकत और कमजोरियों को पहचानने और राष्ट्रीय समुद्री रक्षा ढांचे को और सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। भारतीय नौसेना द्वारा द्विवार्षिक रूप से आयोजित थिएटर स्तर की तत्परता परिचालन अभ्यास (टी.आर.ओ.पी.ई.एक्स.) के एक महत्वपूर्ण पूर्वाभ्यास के रूप में, ‘सी विजिल-24’ भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तटीय रक्षा में सभी हितधारकों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करेगा।