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भारतीय नौसेना हाफ मैराथन के प्रथम संस्करण का आयोजन

भारतीय नौसेना हाफ मैराथन के प्रथम संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना हाफ मैराथन के प्रथम संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना हाफ मैराथन के प्रथम संस्करण का आयोजन
भारतीय नौसेना हाफ मैराथन के प्रथम संस्करण का आयोजन

भारतीय नौसेना हाफ मैराथन का पहला संस्करण 02 फरवरी 2025 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस प्रतिष्ठित आयोजन में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो 21.1 कि.मी., 10 कि.मी. और 5 कि.मी. की तीन दौड़ श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा कर रहे थे। यह सभी स्तरों और पृष्ठभूमियों के धावकों के लिए एक समावेशी मंच साबित हुआ।

मुख्य दौड़ – 21.1 कि.मी. और 10 कि.मी. – को भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्री, माननीय डॉ. मनसुख एल. मांडविया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर डिफेंस स्टाफ प्रमुख, नौसेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख और वरिष्ठ सैन्य व नागरिक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

यह मैराथन प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू हुई, जिसका मार्ग इंडिया गेट और ऐतिहासिक कर्तव्य पथ को कवर करता था। इसने सभी प्रतिभागियों के लिए एक सुव्यवस्थित और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, मुख्य भागीदार आई.डी.एफ.सी. फर्स्ट बैंक, सहयोगी भागीदार आई.ओ.सी.एल. और टाइटन वॉचेजके वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। साथ ही, प्रतिष्ठित खिलाड़ियों की उपस्थिति ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया।

इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति प्रेरित करना था, जिससे वे शारीरिक गतिविधियों को अपनाकर एक सक्रिय और स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में आगे बढ़ें। इसने सौहार्द और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी बढ़ावा दिया, जिससे लोगों को भारतीय नौसेना के साथ जुड़ने और मजबूत संबंध स्थापित करने का अवसर मिला। साथ ही, इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को भारतीय नौसेना में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना था, जो साहस, अनुशासन और राष्ट्र सेवा का प्रतीक है।

भारतीय नौसेना हाफ मैराथन की शानदार सफलता को प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने और भी विशेष बना दिया। विभिन्न आयु वर्गों और व्यावसायिक पृष्ठभूमियों से आए एथलीटों ने अपनी सहनशक्ति, दृढ़ संकल्प और खेल भावना का परिचय दिया, जिससे यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणादायक बना। प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं ने असाधारण शारीरिक और मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन किया, जिससे आने वाले प्रतिभागियों के लिए एक मिसाल कायम हुई।