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भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही

भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
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भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही
भारतीय नौसेना का स्वावलंबन सेमिनार 2025: दूसरे दिन की कार्यवाही

भारतीय नौसेना के प्रमुख नेवल इनोवेशन एंड इंडिजेनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन (एन.आई.आई.ओ.) द्वारा आयोजित स्वावलंबन 2025 सेमिनार के दूसरे दिन नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार वित्तपोषण और देश की रक्षा नवाचार संरचना को सुदृढ़ करने पर केंद्रित गहन विचार-विमर्श हुआ।दिन के दो मुख्य संवाद सत्र 'भविष्य और उभरती प्रौद्योगिकियां' और 'iDEX पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा' पर केंद्रित रहे। विषय विशेषज्ञों, उद्योग जगत के नेताओं, नवप्रवर्तकों और नौसैनिक विशेषज्ञों ने अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों, स्वदेशी डिज़ाइन रणनीतियों और भविष्य के लिए तैयार नौसेना की क्षमता विकास के मार्गों पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा की। नवाचार वित्तपोषण, सहयोगी अनुसंधान एवं विकास ढांचे तथा उद्योग, शिक्षा जगत, स्टार्टअप और सरकारी एजेंसियों के बीच साझेदारी को मजबूत करने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। दिन की एक प्रमुख विशेषता एम.एस.एम.ई. और स्टार्टअप्स तथा वेंचर कैपिटलिस्टों के बीच विशेष संवाद था, जिसने रक्षा नवाचार के लिए वित्तपोषण के अवसरों और दीर्घकालिक निवेश मार्गों की खोज हेतु एक सक्षम मंच प्रदान किया। इन चर्चाओं का उद्देश्य रक्षा स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास को गति देना था, ताकि आशाजनक समाधान प्रोटोटाइप से लेकर परिनियोजन तक कुशलतापूर्वक बढ़ सकें।

प्रदर्शनी सभी आगंतुकों के लिए खुली रही, जिसमें छात्रों, पेशेवरों और रक्षा प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रदर्शनी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों, पनडुब्बी प्रौद्योगिकियों, स्मार्ट आयुध और उन्नत संचार प्रणालियों में हुई प्रगति को प्रदर्शित किया गया, जो स्वदेशी क्षमताओं की बढ़ती गहराई को दर्शाता है। स्वावलंबन सेमिनार ने भारतीय नौसेना की नवाचार को प्रोत्साहित करने, घरेलू उद्योग को सशक्त बनाने और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया।