भारतीय नौसेना का स्वदेशी पनडुब्बी रोधी (ए.एस.डब्ल्यू.) युद्धपोत भा.नौ.पो. कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए आज पोर्ट मोरेस्बी पहुंचा। यह यात्रा भारत और पापुआ न्यू गिनी के बीच बढ़ती मित्रता और समुद्री साझेदारी को रेखांकित करती है। यह सद्भावना यात्रा एक्ट ईस्ट नीति के तहत प्रशांत द्वीप देशों के साथ भारत की सहभागिता को मजबूत करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
यात्रा के प्रमुख आकर्षणों में भा.नौ.पो. कदमत्त की पापुआ न्यू गिनी के आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस परेड और सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी शामिल है, जो दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और विरासत का सम्मान करती है। पोत का चालक दल पापुआ न्यू गिनी रक्षा बल (पी.एन.जी.एफ.डी.) के साथ समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों में सहयोग के अवसर तलाशेगा। पोत पर पापुआ न्यू गिनी के रक्षा बलों के प्रमुख की मेजबानी की जाएगी, जिसमें भारतीय नौसेना की रक्षा में ‘आत्मनिर्भरता’ की यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।
यह यात्रा 2023 में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा से उत्पन्न गति को भी आगे बढ़ाती है, जिसमें दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने, विकास साझेदारी को विस्तार देने और रक्षा सहयोग को बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी। भारतीय नौसेना सद्भावना पोर्ट कॉल, क्षमता निर्माण पहल और सहयोगी समुद्री प्रयासों के माध्यम से ‘मैत्री के सेतु’ बनाने की अपनी कूटनीतिक भूमिका में दृढ़ है।