पांच फ्लीट सपोर्ट शिप (एफ.एस.एस.) में से तीसरे पोत के स्टील कटिंग समारोह का आयोजन 20 फरवरी 2025 को मेसर्स एल. एंड टी. शिपयार्ड, कट्टुपल्ली में किया गया। इस अवसर पर रियर एडमिरल सतीश शेनॉय, तमिलनाडु और पुदुचेरी नौसैनिक क्षेत्र के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, तथा भारतीय नौसेना, हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एच.एस.एल.) और मेसर्स एल. एंड टी. के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भारतीय नौसेना ने अगस्त 2023 में एच.एस.एल. के साथ पांच फ्लीट सपोर्ट शिप्स की खरीद के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत इनकी डिलीवरी मध्य-2027 से शुरू होगी। सार्वजनिक-निजी भागीदारी की शक्ति को प्रदर्शित करते हुए, एच.एस.एल. ने दो एफ.एस.एस. के आंशिक निर्माण का अनुबंध मेसर्स एल. एंड टी. शिपयार्ड, कट्टुपल्ली को दिया है ताकि देश की जहाज निर्माण क्षमता का प्रभावी उपयोग किया जा सके और डिलीवरी के सख्त समय-सीमा को पूरा किया जा सके।
एफ.एस.एस. के शामिल होने के बाद, ये पोत भारतीय नौसेना की ब्लू वॉटर क्षमताओं को सुदृढ़ करेंगे और समुद्र में ही फ्लीट पोतों की रसद आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। 40,000 टन से अधिक के विस्थापन वाले ये पोत ईंधन, पानी, गोला-बारूद और अन्य आवश्यक वस्तुएं ले जाने में सक्षम होंगे, जिससे नौसेना बिना बंदरगाह लौटे लंबे समय तक अभियान चला सकेगी। इस प्रकार, यह फ्लीट की विस्तारित पहुंच और गतिशीलता को बढ़ाएगा।
द्वितीयक भूमिका में, ये पोत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एच.ए.डी.आर.) अभियानों के लिए भी सुसज्जित होंगे, जिससे किसी प्राकृतिक आपदा के दौरान कर्मियों की निकासी और राहत सामग्री की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और अधिकांश उपकरणों की स्वदेशी आपूर्ति के साथ, यह परियोजना भारतीय जहाज निर्माण उद्योग को बढ़ावा देगी और आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड जैसी भारत सरकार की पहल के अनुरूप होगी।