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डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को

डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को
डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को
डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को
डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को
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डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को
डी.एस.सी. ए20 (यार्ड 325) की डिलीवरी, 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट का पहला पोत भारतीय नौसेना को

स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित पहला डाइविंग सहायक क्राफ्ट डी.एस.सी. ए20 मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टी.आर.एस.एल.), कोलकाता ने 16 सितंबर 2025 को कोलकाता में भारतीय नौसेना को सौंपा। 05 डाइविंग सहायक क्राफ्ट (डी.एस.सी.) के निर्माण का अनुबंध 12 फरवरी 2021 को रक्षा मंत्रालय और मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टी.आर.एस.एल.), कोलकाता के बीच हुआ। डी.एस.सी. ए20 तटीय जल में डाइविंग कार्यों के लिए डिज़ाइन किया गया है और अत्याधुनिक डाइविंग उपकरणों से लैस है। यह कैटामरन हल पोत है, जिसका विस्थापन लगभग 380 टन है।

पोत भारतीय रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आई.आर.एस.) के नौसैनिक नियमों के तहत स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित है। डिज़ाइन चरण में इसका हाइड्रोडायनामिक विश्लेषण और मॉडल परीक्षण नौसेना विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (एन.एस.टी.एल.), विशाखापट्टनम में किया गया। ये पोत भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के गौरवशाली प्रतीक हैं।