दूसरे और तीसरे अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोतों (एन.जी.ओ.पी.वी.) का आधारशिला स्थापना समारोह, जो गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जी.एस.एल.) द्वारा निर्मित किए जाएंगे, 23 मार्च 2025 को मेसर्स योमन मरीन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (वाई.एम.एस.पी.एल.), रत्नागिरी में आयोजित किया गया। 11 एन.जी.ओ.पी.वी. के स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के लिए अनुबंध 30 मार्च 2023 को रक्षा मंत्रालय और गोवा के जी.एस.एल. तथा मेसर्स गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जी.आर.एस.ई.), कोलकाता के बीच संपन्न हुए थे, जिसमें सात पोत लीड शिपयार्ड मेसर्स जी.एस.एल. द्वारा और चार पोत फॉलो शिपयार्ड मेसर्स जी.आर.एस.ई. द्वारा निर्मित किए जाएंगे।
यार्ड 1281 और यार्ड 1282 के मुख्य पतवार खंड वाई.एम.एस.पी.एल., रत्नागिरी के परिसर में जी.एस.एल. की निर्माण रणनीति के हिस्से के रूप में तैयार किए जा रहे हैं। दोनों पोतों का आधारशिला स्थापना समारोह रत्नागिरी में आयोजित किया गया, जिसमें वाइस एडमिरल आर. स्वामीनाथन, नियंत्रक युद्धपोत उत्पादन और अधिग्रहण मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, साथ ही भारतीय नौसेना, मेसर्स जी.एस.एल. और मेसर्स वाई.एम.एस.पी.एल. के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
लगभग 3000 टन के विस्थापन वाले एन.जी.ओ.पी.वी. को तटीय रक्षा और निगरानी, खोज और बचाव कार्यों, अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा और समुद्री डकैती विरोधी मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया है। इन पोतों की आधारशिला स्थापना परियोजना की समग्र समयरेखा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। 11 एन.जी.ओ.पी.वी. का निर्माण राष्ट्र के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप किया जा रहा है और ये भारतीय नौसेना की समुद्री शक्ति को बढ़ाने के लिए तैयार हैं।