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हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता

हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता
हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात ‘दित्वाह’ के बाद श्रीलंका को भारतीय नौसेना ने प्रदान की मानवीय सहायता

श्रीलंका में आए चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ के प्रभाव से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत व्यापक मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एच.ए.डी.आर.) अभियान शुरू किया है। श्रीलंका नौसेना की 75वीं वर्षगांठ के अंतरराष्ट्रीय बेड़ा निरीक्षण (आई.एफ.आर.-2025) के तहत कोलंबो में मौजूद भा.नौ.पो. विक्रांत और भा.नौ.पो. उदयगिरि को तट पर उत्पन्न आवश्यकताओं के अनुरूप तत्काल राहत पहुंचाने के लिए अल्प सूचना पर तैनात किया गया। इन पोतों ने प्रभावित समुदायों के लिए राहत सामग्री सौंप दी है।

जहाजों के हेलिकॉप्टरों को प्रभावित क्षेत्रों की हवाई निगरानी और खोज एवं बचाव कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए लगाया गया, जिसमें श्रीलंका के नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया गया। इन प्रयासों को और मजबूती देने हेतु भारतीय नौसेना ने 01 दिसंबर 2025 को भा.नौ.पो. सुकन्या को त्रिंकोमाली भेजा। यह पोत श्रीलंका की जनता के लिए आवश्यक राहत सामग्री लेकर पहुंचा। भारत और श्रीलंका के अधिकारियों के बीच करीबी समन्वय से राहत सामग्री की समयबद्ध और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

भारतीय नौसेना की यह त्वरित प्रतिक्रिया एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र (आई.ओ.आर.) में प्रथम सहायक के रूप में उसकी भूमिका को रेखांकित करती है। यह भारत सरकार की महासागर (एस.ए.जी.ए.आर.) दृष्टि और पड़ोसी प्रथम नीति के अनुरूप भागीदार देशों को आवश्यकता के समय सहयोग देने की भारत की अडिग प्रतिबद्धता को दोहराती है। भारतीय नौसेना मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए पूर्णतः समर्पित है और श्रीलंका की जनता के साथ एकजुटता से खड़ी है।