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हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन

हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन
हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी (आई.ओ.एन.एस.-2025) के तत्वावधान में ‘उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ का समापन

हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी’ (आई.ओ.एन.एस.) के तत्वावधान में उभरते नेताओं की पैनल चर्चा’ 27 से 28 अगस्त 2025 तक कोच्चि में दक्षिणी नौसेना कमान में आयोजित की गई। इस आयोजन में 19 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लियाजिसने युवा नौसेना नेताओं को हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग के भविष्य पर विचारोंअनुभवों और चर्चा के लिए एक समावेशी मंच प्रदान किया। वाइस एडमिरल वी. श्रीनिवासफ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफदक्षिणी नौसेना कमानने मुख्य भाषण दियाजिसमें उन्होंने गहन विचार-विमर्श के लिए मंच तैयार किया। उनके भाषण में भारतीय नौसेना की हिंद महासागर क्षेत्र में संवादआपसी विश्वास और सहयोगी सुरक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।

इस दो दिवसीय आयोजन में चार थीम आधारित सत्र शामिल थे। पहले सत्र में हिंद महासागर क्षेत्र के रणनीतिक महत्व और युवा अधिकारियों के दृष्टिकोण से सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई। इसमें क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री व्यापार सुरक्षा, जलवायु प्रभाव और भू-राजनीतिक गतिशीलता जैसे प्रमुख मुद्दों पर प्रकाश डाला गया, साथ ही इन चुनौतियों से निपटने के लिए युवा अधिकारियों के नवोन्मेषी दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया। दूसरा सत्र समुद्री सुरक्षा में उभरती प्रौद्योगिकियाँ’ पर केंद्रित थाजिसमें प्रतिभागियों ने समुद्री टोहीकृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियोंमानवरहित मंचोंसाइबर खतरों और अंतरिक्ष-आधारित निगरानी की उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा की।

दूसरे दिन की शुरुआत तीसरे सत्र से हुईजिसमें समुद्री सुरक्षा के लिए सहयोग को बढ़ावा देने में आई.ओ.एन.एस. की भविष्य की भूमिका’ पर विचार-विमर्श हुआ। पैनलिस्टों ने क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने के लिए अधिक अंतरसंचालनीयतासंयुक्त अभ्यास और पेशेवर आदान-प्रदान की आवश्यकता पर बल दिया। अंतिम सत्र में आई.ओ.एन.एस. देशों के बीच प्रशिक्षण क्षमताओं का उपयोग - भविष्य का रोडमैप’ पर चर्चा हुईजिसमें संसाधनों के एकीकरणप्रशिक्षण संपर्कों के विस्तार और सामूहिक तैयारियों को बढ़ाने के लिए साझा ढांचे विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।पैनल चर्चाओं के अलावासांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियाँ भी आयोजित की गईंजिनमें प्रतिभागियों को केरल की समुद्री विरासत का अनुभव करने और आपसी सौहार्द को बढ़ाने का अवसर मिला। पेशेवर संवाद और अनौपचारिक जुड़ाव के मिश्रण ने विचारों के आदान-प्रदान को और समृद्ध किया।

दो दिवसीय चर्चा समुद्री क्षेत्र की जागरूकतातकनीकी साझेदारी और साझा प्रशिक्षण पहलों को बढ़ाने पर मजबूत सहमति के साथ समाप्त हुई। प्रतिनिधियों ने आई.ओ.एन.एस. की स्वैच्छिक और समावेशी पहल के रूप में भूमिका को पुनः पुष्ट कियाजो संवाद और सहयोग के माध्यम से सामूहिक समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समर्पित है। उभरते नेताओं की पैनल चर्चा का समापन सभी सदस्य देशों द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में शांतिसमृद्धि और सुरक्षा के लिए एक साथ काम करने की प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने के साथ हुआ।