30 अक्टूबर 2025 की सुबह पहली रोशनी के साथ भारतीय नौसेना का सी किंग हेलिकॉप्टर भा.नौ.पो. शिकरा, मुंबई से एक ईरानी मछुआरे के मेडिकल इवैक्यूएशन के लिए रवाना हुआ। यह मछुआरा ईरानी ड्हो पर हुए विस्फोट में गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे 28 अक्टूबर 2025 को एम.आर.सी.सी. चाबहार के अनुरोध पर भारतीय तटरक्षक पोत आई.सी.जी.एस. सैचेट ने ड्हो से बचाया था। सी किंग हेलिकॉप्टर ने भा.नौ.पो. हंसा, गोवा में ईंधन भरने के बाद समुद्र में 120 नौटिकल मील से अधिक दूरी तय की और प्रतिकूल मौसम व ऊबड़‑खाबड़ परिस्थितियों के बीच एम.ई.डी.ई.वैक स्ट्रेचर की सहायता से घायल मछुआरे को एयरलिफ्ट किया। गोवा पहुँचने पर उसे आगे के उपचार के लिए आई.एन.एच.एस. जीवंति में भर्ती कराया गया। यह अभियान भारतीय नौसेना की बहादुरी, संयुक्त समुद्री संचालन की उत्कृष्ट समन्वय क्षमता और आई.ओ.आर. में प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।