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नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण

नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
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नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण
नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल टग अश्व (यार्ड 337) का प्रेरण

नौसेना डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में 12 फरवरी 25 को तीसरे 25टी. बोलार्ड पुल (बी.पी.) टग अश्व का प्रेरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर रियर एडमिरल के. श्रीनिवास, ए.एस.डी. (वी.) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

ये टग छह (06) 25टी. बी.पी. टगों के निर्माण अनुबंध का हिस्सा हैं, जो मेसर्स टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टी.आर.एस.एल.), कोलकाता के साथ 12 नवंबर 21 को संपन्न हुआ था। इन टगों को भारतीय नौवहन रजिस्टर (आई.आर.एस.) के प्रासंगिक नौसेना नियमों और विनियमों के अनुसार पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। शिपयार्ड ने पहले ही इन टगों में से दो की सफलतापूर्वक डिलीवरी कर दी है, जिनका उपयोग भारतीय नौसेना द्वारा नौसेना पोतों और पनडुब्बियों को बर्थिंग, अन-बर्थिंग और सीमित जल क्षेत्रों में संचालन के दौरान सहायता प्रदान करने के लिए किया जा रहा है। ये टग नौसेना पोतों को तट या लंगर पर अग्निशमन सहायता प्रदान करने के साथ-साथ सीमित खोज एवं बचाव अभियानों को संचालित करने की भी क्षमता रखते हैं।

ये टग मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के गौरवशाली प्रतीक हैं और भारत सरकार के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।