नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी की जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका समुद्री साझेदारी को मजबूत करना और इंडो-पैसिफिक में साझा सामरिक हितों को बढ़ावा देना था। यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख ने अमेरिकी नागरिक और सैन्य नेतृत्व के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं जिनमें नेवी सचिव श्री जॉन सी. फेलान, नीति के लिए युद्ध उपसचिव श्री एल्ब्रिज कोल्बी, इंडोपैकॉम के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो, अमेरिकी पैसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्टीफन पी. कोहलर और यूएस मरीन फोर्सेस पैसिफिक के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एफ. ग्लिन शामिल थे। उन्होंने वाइस एडमिरल यवेट डेविड्स, श्री स्टीव पैरोड और रियर एडमिरल रेमंड पी. ओवेंस से भी बातचीत की।
चर्चाओं में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के प्रमुख स्तंभों की समीक्षा की गई जिनमें समुद्री सुरक्षा और समुद्री क्षेत्र जागरूकता को मजबूत करना, परिचालन में पारस्परिक क्षमता का विस्तार, सूचना साझाकरण को बढ़ाना, समुद्री संचार मार्गों और महत्वपूर्ण समुद्र-तल बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा एच.ए.डी.आर., एस.ए.आर., समुद्री डकैती विरोधी और अन्य गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों के लिए समन्वित प्रतिक्रियाएं शामिल थीं। दोनों पक्षों ने मालाबार, पासेक्स, सी.एम.एफ. और मिलन जैसे द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय अभ्यासों को बेहतर बनाने पर विचार-विमर्श किया और मानवरहित प्रणालियों, आई.एस.आर., साइबर तथा अंतरिक्ष-सक्षम समुद्री क्षमताओं जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।
नौसेना प्रमुख ने आपदा प्रबंधन एवं मानवीय सहायता में उत्कृष्टता केंद्र (सी.एफ.ई.-डी.एम.एच.ए.) का दौरा किया जहां एच.ए.डी.आर., समुद्री मानवीय अभियानों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहनशीलता बढ़ाने के लिए सहयोग तथा सर्वोत्तम तरीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (एन.डी.यू.) में नौसेना प्रमुख ने इसके अध्यक्ष वाइस एडमिरल पीटर ए. गार्विन से मुलाकात की और व्यावसायिक सैन्य शिक्षा, उच्च अध्ययन संबंधों तथा प्रशिक्षण आदान-प्रदान में चल रहे सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने आइजनहावर स्कूल, नेशनल वॉर कॉलेज और इंफॉर्मेशन एंड साइबरस्पेस कॉलेज में पाठ्यक्रम कर रहे भारतीय अधिकारियों से भी भेंट की।