भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टी.एस.), जिसमें भा.नौ.पो. तीर, भा.नौ.पो. शार्दूल, भा.नौ.पो. सुजाता और आई.सी.जी.एस. सरथी शामिल हैं, 16 सितंबर 2025 को मापुटो, मोज़ाम्बिक पहुंचा। कैप्टन टीजो के. जोसेफ के नेतृत्व वाले इस स्क्वाड्रन का मोज़ाम्बिक नौसेना और मापुटो में रक्षा सलाहकार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। यह यात्रा एक विशेष अवसर है, क्योंकि दोनों देश 1975-2025 तक 50 वर्षों के राजनयिक संबंधों का उत्सव मना रहे हैं। चार दिन की यात्रा के दौरान स्क्वाड्रन मोज़ाम्बिक नौसेना के साथ संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों में हिस्सा लेगा, जिनमें वी.बी.एस.एस. प्रशिक्षण, नौवहन व संचार प्रक्रियाओं पर क्रॉस-प्रशिक्षण, डाइविंग कार्य, अग्निशमन और क्षति नियंत्रण शामिल हैं। मोज़ाम्बिक रक्षा बलों की प्रशिक्षण इकाइयों में 1टी.एस. प्रशिक्षुओं का दौरा भी नियोजित है, जो दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर समझ और तालमेल बढ़ाएगा। यात्रा पासेक्स और मोज़ाम्बिक के ई.ई.जेड. की संयुक्त निगरानी के साथ समाप्त होगी।
मापुटो में प्रवास के दौरान 1टी.एस. के वरिष्ठ अधिकारी और पोतों के कमांडिंग ऑफिसर मोज़ाम्बिक नौसेना प्रमुख, मापुटो मेयर और भारतीय उच्चायुक्त से शिष्टाचार भेंट करेंगे। इसके अलावा, योग सत्र, सामुदायिक कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, स्कूल बच्चों का दौरा और मैत्रीपूर्ण खेल आयोजन जैसे सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
1टी.एस. की मोज़ाम्बिक यात्रा दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को दर्शाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य ‘महासागर’ के तहत समुद्र के पार मैत्री के पुलों को मजबूत करना है।