प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के पोत भा.नौ.पो. तीर, भा.नौ.पो. शार्दूल और आई.सी.जी.एस. सरथी ने 04 सितंबर 2025 को पोर्ट विक्टोरिया, सेशेल्स से रवानगी की। यह लंबी दूरी के प्रशिक्षण तैनाती के हिस्से के रूप में एक सफल यात्रा के समापन को दर्शाता है। चार दिन की इस यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना और सेशेल्स रक्षा बल (एस.डी.एफ.) के बीच कई पेशेवर आदान-प्रदान, प्रशिक्षण दौरे और सामाजिक मेलजोल हुए, जिनसे दोनों समुद्री राष्ट्रों के बीच संबंध और मजबूत हुए। पोर्ट कॉल के दौरान कैप्टन टीजो के. जोसेफ, वरिष्ठ अधिकारी 1टीएस, के साथ भा.नौ.पो. शार्दूल और आई.सी.जी.एस. सरथी के कमांडिंग ऑफिसरों ने सेशेल्स के विदेश मामलों और पर्यटन मंत्री श्री सिल्वेस्टर राडेगॉन्डे तथा सेशेल्स रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट से मुलाकात की। इन चर्चाओं में सेशेल्स और भारत के बीच स्थायी साझेदारी पर जोर दिया गया, विशेष रूप से सेशेल्स रक्षा बल और भारतीय सशस्त्र बलों के बीच सैन्य सहयोग को रेखांकित किया गया।
1टीएस के पोतों पर एक डेक रिसेप्शन का आयोजन किया गया, जिसमें एस.डी.एफ. के वरिष्ठ नेतृत्व, भारतीय प्रवासी, राजनयिक और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने हिस्सा लिया। सेशेल्स रक्षा बल के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट ने क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को मजबूत करने में भारतीय नौसेना के योगदान की सराहना की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने की सेशेल्स की प्रतिबद्धता दोहराई। पोर्ट कॉल के दौरान 1टीएस पर आयोजित संयुक्त योग सत्रों में स्थानीय लोगों और भारतीय प्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय नौसेना बैंड ने विक्टोरिया टाउन क्लॉक टावर पर शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी कुशलता दिखाई, जिसे सेशेल्स के नागरिकों ने खूब सराहा। भारतीय नौसेना और सेशेल्स रक्षा बल के कर्मियों के बीच एक मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच खेला गया, जिसने दोनों बलों के बीच सौहार्द और भाईचारे को और बढ़ाया। सामुदायिक सहायता के तहत पॉइंट लारू के एक वृद्धाश्रम में निवासियों को आवश्यक सामग्री और चिकित्सा स्वास्थ्य जाँच प्रदान की गई।
यह यात्रा भारतीय नौसेना के प्रशिक्षुओं के लिए समृद्ध अनुभव लेकर आई, जिन्होंने सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस और समुद्री प्रशिक्षण व सहायता केंद्र का दौरा किया। क्रॉस ट्रेनिंग के तहत सेशेल्स रक्षा बल के कर्मियों को 1टीएस के पोतों पर छोटे हथियारों के उपयोग और अग्निशमन का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, सेशेल्स में ई.एस.पी.एस. नवार्रा की यात्रा के दौरान स्पेनिश नौसेना के साथ पेशेवर आदान-प्रदान किए गए। यह तैनाती दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता को और सुदृढ़ करती है तथा एम.ए.एच.ए.एस.ए.जी.ए.आर. (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ एक्रॉस रीजन) के दृष्टिकोण के अनुरूप समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।