भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला में 29 नवंबर 2025 को भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। कुल 232 प्रशिक्षुओं ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया, जिनमें 109वें भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम के मिडशिपमैन, 39वें नेवल ओरिएंटेशन कोर्स (विस्तारित), 40वें नेवल ओरिएंटेशन कोर्स (विस्तारित), 41वें नेवल ओरिएंटेशन कोर्स (नियमित और कोस्ट गार्ड) तथा 42वें नेवल ओरिएंटेशन कोर्स (मित्र देश) के कैडेट शामिल थे। इस समूह में सात मित्र राष्ट्रों (बांग्लादेश, श्रीलंका, वियतनाम, मालदीव, म्यांमार, मोज़ाम्बिक, सेशेल्स) के 18 कैडेट भी शामिल रहे, जो अकादमी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को दर्शाता है।
परेड की समीक्षा रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान ने की। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर मिडशिपमैन और कैडेटों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी। समीक्षा अधिकारी के साथ श्रीमती अनुपमा चौहान, अध्यक्ष, रक्षा पत्नी कल्याण संघ भी उपस्थित थीं। इस समारोह में वाइस एडमिरल समीर सक्सेना, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, दक्षिणी नौसेना कमान, वाइस एडमिरल मनीष चड्ढा, कमांडेंट भारतीय नौसेना अकादमी, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथि भी शामिल हुए।
उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए निम्नलिखित पुरस्कार प्रदान किए गए:
रक्षा प्रमुख ने प्रशिक्षुओं की त्रुटिहीन वेशभूषा और ड्रिल की सराहना की। उन्होंने प्रशिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ के समर्पण की प्रशंसा करते हुए माता-पिता के अटूट समर्थन को भी स्वीकार किया। उन्होंने विदेशी प्रशिक्षुओं को शामिल करने के महत्व पर जोर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग को मजबूत करता है और वैश्विक स्तर पर भारतीय नौसेना की प्रशिक्षण उत्कृष्टता को उजागर करता है।
परेड के समापन पर रक्षा प्रमुख, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ दक्षिणी नौसेना कमान, कमांडेंट भारतीय नौसेना अकादमी और अन्य गणमान्य अतिथियों ने पासिंग आउट प्रशिक्षुओं की पट्टियां लगाईं। उन्होंने बड़ी संख्या में उपस्थित गर्वित परिवारों के साथ बातचीत की, जो कठिन प्रशिक्षण व्यवस्था की सफल समाप्ति का जश्न मनाने आए थे। नवनियुक्त अधिकारी अब अपने पेशेवर कौशल को और निखारने के लिए भारतीय नौसेना के विभिन्न प्रशिक्षण प्रतिष्ठानों और अग्रिम पंक्ति के पोतों पर जाएंगे।