वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार, ए.वी.एस.एम., वी.एस.एम. ने 01 नवम्बर 2025 को भारतीय नौसेना के 40वें मटेरियल प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे एन.डी.ए. के 70वें कोर्स के पूर्व छात्र हैं और 01 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में इलेक्ट्रिकल अधिकारी के रूप में सेवा में शामिल हुए थे। फ्लैग ऑफिसर ने आई.आई.टी. चेन्नई से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है, उस्मानिया विश्वविद्यालय से उच्च रक्षा प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिग्री ली है, मद्रास विश्वविद्यालय से एम.फिल. किया है और वे राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। 38 वर्षों से अधिक की अपनी विशिष्ट और सम्मानपूर्ण सेवा अवधि के दौरान उन्होंने नौसेना मुख्यालय, एच.क्यू. ए.टी.वी.पी., नौसेना डॉकयार्ड और कमान मुख्यालयों में कई महत्वपूर्ण पदों का दायित्व संभाला है। उन्होंने अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों भा.नौ.पो. रंजीत, कृपाण और अक्षय पर सेवा दी है तथा प्रमुख इलेक्ट्रिकल प्रशिक्षण केंद्र भा.नौ.पो. वालसुरा का नेतृत्व भी किया है।
एडमिरल को नौसेना मुख्यालय के हथियार उपकरण एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग—दोनों प्रमुख इलेक्ट्रिकल निदेशालयों की अगुवाई का दुर्लभ अनुभव प्राप्त है। वे पूर्वी और पश्चिमी तट के दोनों नौसेना डॉकयार्ड में सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें तकनीक, परियोजनाओं और तकनीकी प्रशासन सहित कई विविध क्षेत्रों का गहन अनुभव है। फ्लैग ऑफिसर के रूप में उन्होंने प्रोजेक्ट सीबर्ड में अतिरिक्त महानिदेशक (तकनीकी), पश्चिमी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (तकनीकी) तथा नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में एडमिरल सुपरिंटेंडेंट के रूप में कार्य किया। नौसेना मुख्यालय में सहायक मटेरियल प्रमुख (सूचना प्रौद्योगिकी एवं सिस्टम्स) के कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्हें वाइस एडमिरल के पद पर पदोन्नत किया गया और एच.क्यू. ए.टी.वी.पी. में प्रोग्राम निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया। इसके पश्चात उन्होंने जहाज निर्माण एवं अधिग्रहण के नियंत्रक और विशाखापट्टनम में नौसेना परियोजनाओं के महानिदेशक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें विशिष्ट सेवा पदक और अत्यंत विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार ने वाइस एडमिरल किरण देशमुख, ए.वी.एस.एम., वी.एस.एम. से मटेरियल प्रमुख का कार्यभार संभाला, जिन्होंने 39 वर्षों की उत्कृष्ट सेवा के उपरांत पदभार सौंपा। वाइस एडमिरल किरण देशमुख अपने नेतृत्व कौशल और व्यावसायिक उत्कृष्टता के लिए विशिष्ट रूप से जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में नौसेना तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनी। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसैनिक संसाधनों की उच्चतम तत्परता उनकी दूरदर्शिता, योजना और कुशल नेतृत्व का प्रमाण है।