वाइस एडमिरल राजेश पेंढारकर ने लगभग चार दशक लंबी विशिष्ट सेवा के बाद 31 अक्टूबर 2025 को भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। 25 अक्टूबर 2025 को उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर हमारे वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
01 जनवरी 1987 को सेवा में शामिल हुए वाइस एडमिरल पेंढारकर पनडुब्बी रोधी युद्ध विशेषज्ञ हैं तथा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी खड़कवासला और रक्षा सेवाएँ स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन के पूर्व छात्र हैं। समुद्र में पंद्रह से अधिक वर्षों की सेवा अवधि के दौरान उन्होंने भा.नौ.पो. कोरा, भा.नौ.पो. शिवालिक और विमानवाहक पोत भा.नौ.पो. विराट सहित तीन अग्रिम युद्धपोतों की कमान संभाली। वह नेवल वार कॉलेज करंजा और नेवल वार कॉलेज न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड (संयुक्त राज्य अमेरिका) के भी पूर्व छात्र हैं। तट पर रहते हुए उन्होंने नौसेना संचालन, अधिग्रहण और कार्मिक प्रबंधन के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों का दायित्व संभाला। भारतीय नौसेना में आत्मनिर्भर भारत के प्रबल समर्थक के रूप में वे राष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र जागरूकता परियोजना के अग्रणी प्रवर्तकों में से एक रहे हैं, जो अब अपने वर्तमान स्वरूप में विकसित होकर नौसैनिक सुरक्षा क्षमता को और सुदृढ़ कर रही है।
नौसेना ध्वज को अवतरण करते हुए उन्होंने राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त किया और अपने साथियों—सफेद वर्दीधारी श्रेष्ठ पुरुषों एवं महिलाओं—के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई। भारतीय नौसेना उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए आभारी है और उनके आगामी जीवन पथ के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित करती है।